बॉलीवुड की फिल्म निर्माता परिषद ने की पाकिस्तानी कलाकारों पर प्रतिबंध लगाने की मांग
February 25, 2018
मुंबई – बॉलीवुड की फिल्म निर्माता परिषद ने हिंदी फिल्म उद्योग में पाकिस्तानी कलाकारों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। भारतीय फिल्म और टेलीविजन निर्माता परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरेश अमीन ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में हिन्दी फिल्मों में काम करने वाले पाकिस्तानी कलाकारों पर दो वर्ष का प्रतिबंध लगाने की मांग की।
केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने पहले ही हिंदी फिल्म उद्योग में काम करने वाले पाकिस्तानी कलाकारों पर एक अस्थायी प्रतिबंध लगाने की मांग की है। श्री. सुप्रियो ने फिल्म ‘वेल्कम टू न्यूयॉर्क’ को लेकर यह बयान दिया था। इस फिल्म में पाकिस्तानी गायक राहत फतेह अली खान ने गाना गया है।
रिपोर्ट के अनुसार फिल्म के निर्माता वाशु भगनानी भी श्री. बाबुल सुप्रियो के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में थे। श्री. अमीन ने कहा कि, परिषद ने एक प्रस्ताव पास कर बॉलीवुड के सभी निर्माताओं से पाकिस्तानी कलाकारों के साथ अगले दो वर्ष तक काम नहीं करने का आग्रह किया है।
श्री. भगनानी ने कहा कि, राहत फतेह अली खान की आवाज में फिल्म का गाना रिकार्ड किया जा चुका है और अब इस पर कुछ नहीं किया जा सकता और गाने की प्रिंट विश्व में भेज दी गयी है। मैं इस पर कुछ नहीं कर सकता किंतु मैं आश्वासन देता हूं कि, आगे मैं पाकिस्तानी कलाकारों के साथ काम नहीं करूंगा। मेरे लिए भारत पहले है।
सीमा पर मौजूदा समय में युद्ध जैसे हालात हैं। बीएसएफ का कहना है कि पड़ोसी देश नहीं चाहता है कि भारत में शांति का माहौल हो। इसलिए सीजफायर उल्लंघन जैसी हरकतें कर रहा है।
श्रीनगर, जेएनएन। पाकिस्तान लगातार सीमा पर सीजफायर उल्लंघन और घुसपैठ की कोशिश कर रहा है। मगर भारतीय जवान भी पाकिस्तान की 'नापाक' हरकतों का मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं। परिणामस्वरूप जम्मू-कश्मीर के कई सेक्टर में हुए हमलों में तीन-चार पाक सैनिकों के ढेर होने की खबर है और कम से कम चार पोस्ट भी तबाह हो गए हैं, जहां से वे घुसपैठियों की मदद करते थे।
बीएसएफ की एक महिला अधिकारी ने 2 पाकिस्तानी सैनिकों के ढेर होने की पुष्टि करते हुए कहा था कि पड़ोसी देश नहीं चाहता है कि भारत में शांति का माहौल हो। इसलिए वह इस तरह की हरकतें कर रहा है। हालांकि हमारे जवान भी उन्हें करारा जवाब दे रहे हैं।
इस बीच, आपको बता दें कि मेंढर सेक्टर से सीमा पार की गई भारतीय कार्रवाई का एक वीडियो सामने आया है। इसके अनुसार, एलओसी के पार पांच सौ मीटर अंदर पाकिस्तानी सेना की चार पोस्टों को बर्बाद कर दिया गया है। बताया जा रहा है पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तानी सेना अपनी इन्हीं चार पोस्टों से लगातार भारतीय सैन्य चौकियों को निशाना बनाकर गोलाबारी कर रही थी। इन पोस्टों से आतंकियों को भारतीय क्षेत्र में दाखिल करवाने का बार-बार प्रयास किया जा रहा था।
बीते रविवार को पुंछ के खड़ी करमाड़ा सेक्टर में भी पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) ने भारतीय क्षेत्र में दाखिल होने का प्रयास किया था। तब जवाबी कार्रवाई करते हुए भारतीय सेना ने बैट के एक सदस्य को भी ढेर कर दिया था, जबकि दो से तीन अन्य घायल हो गए थे।
बुधवार को उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल डी अनबू और 16 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सरनजीत सिह ने राजौरी-सुंदरबनी सेक्टर के अग्रिम क्षेत्रों का दौरा करने के साथ सेना के उच्च अधिकारियों से बैठक कर कई दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिसके बाद पाकिस्तानी सेना की पोस्टों को उड़ाने का वीडियो सामने आया है। वीडियो में दिख रहा है कि भारत की ओर से रॉकेट लांचर के जरिए की गई जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना की चार पोस्ट नेस्तनाबूद हो गई है।
गुरुवार को उड़ी सेक्टर में पाकिस्तान द्वारा बरसाए गए गोले में तीन मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। हालांकि भारतीय जवानों की जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तानी बंदूकें शांत हो गईं, लेकिन उत्तरी कश्मीर में एलओसी के साथ सटे इलाकों में तनाव बरकरार है। अग्रिम इलाकों में रहने वाले लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही सेना ने अग्रिम इलाकों में घुसपैठ व बार्डर एक्शन टीम (बैट) के हमले की आशंका को देखते हुए सघन तलाशी अभियान चला रखा है।
बीते चार दिनों में पाकिस्तानी सेना द्वारा उड़ी सेक्टर में संघर्ष विराम उल्लंघन का यह दूसरा और उत्तरी कश्मीर में चौथा मामला है। इस सप्ताह सोमवार को पाकिस्तानी सैनिकों ने उड़ी सेक्टर के इसी इलाके में भारतीय ठिकानों पर गोलाबारी की थी, जिसमें तीन ग्रामीण जख्मी हुए थे। मंगलवार को टंगडार सेक्टर में पाकिस्तानी गोलाबारी में बीएसएफ का एक जवान शहीद हो गया था और बुधवार को भारतीय सेना की कार्रवाई में एक पाकिस्तानी चौकी तबाह होने के अलावा दो पाकिस्तानी सैनिक भी मारे गए थे।
संबंधित अधिकारियों ने बताया सुबह आठ बजे गुलाम कश्मीर के हाजीपीर सेक्टर में तैनात पाकिस्तानी सैनिकों ने उड़ी सेक्टर के चुरंडा, तिल्लावारी व उसके साथ सटे अग्रिम गांवों व सैन्य चौकियों को निशाना बनाया, जिस इलाके में गोलाबारी हुई वह रुस्तम और टीका चौकियों के दायरे में आता है। भारतीय जवानों ने भी पाकिस्तानी गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया।
पाक को उसकी भाषा में कब जवाब देगा भारत ? : सुंजवां आतंकी हमले में अब तक ५ सैनिक हुतात्मा
February 11, 2018
जम्मू : जम्मू कश्मीर के सुंजवां आर्मी कैंप में घुसे आतंकियों के विरुद्ध सेना का ऑपरेशन अब भी जारी है । अब तक सुरक्षा बलों ने चार आतंकियों को मार गिराया है, जबकि ५ सैनिक हुतात्मा हो गए हैं । वहीं एक आम नागरिक को भी अपनी जान गंवानी पडी है । आतंकियों को मार गिराने के लिए शनिवार सुबह सेना का ऑपरेशन शुरू हुआ था । फिलहाल सुंजवां आर्मी कैंप में १ से २ और आतंकियों के छिपे होने की आशंका जताई जा रही है । इस बीच आर्मी चीफ बिपिन रावत भी जम्मू-कश्मीर पहुंच गए हैं और उनकी अगुवाई में सुरक्षा बल आतंकियों को मुंहतोड जवाब देने में जुटे हुए हैं ।
५ सैनिक हुतात्मा, ४ आतंकी ढेर
जम्मू-कश्मीर में सुंजवां आर्मी कैंप को आतंकियों ने निशाना बनाया है । शनिवार सुबह ५ बजे करीब शुरू हुए इस आतंकी हमले में अबतक ५ सैनिक हुतात्मा हो गए हैं, जबकि कुछ अन्य के घायल होने की खबर है । इनमें से २ की हालत गंभीर बताई जा रही है । हमले में सेना के सैनिक की बेटी भी घायल हो गई है ।
आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद
जानकारी के अनुसार आतंकियों के पास एके-५६ राइफल और भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए हैं । आतंकियों के कब्जे में कोई बंधक नहीं है । कुल २६ में से १९ फ्लैट खाली करा लिए गए हैं । सेना कैंप के अंदर मौजूद आतंकियों को खदेडने के लिए ऑपरेशन तेज हो गया है । QRT की ४ टीमों को आर्मी कैंप के अंदर भेजा गया है । ऑपरेशन के लिए पैरा कमांडो को भी तैनात कर दिया गया है । आइएएफ के पैरा कमांडो को उधमपुर और सरसाव से जम्मू बुलाया गया था । गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय पूरी घटना पर नजर बनाए हुए है । इस बीच आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली है ।
डिफेंस पीआरओ ने बताया कि जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है । ये ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी आतंकी मारे या पकडे नहीं जाते । उन्होंने बताया कि अब तक ३ आतंकी ढेर किए जा चुके हैं । इनके पास से एके-५६ राइफल और भारी मात्रा में अन्य हथियार बरामद हुए हैं । इससे लगता है कि आतंकी किसी बडी साजिश को अंजाम देने के लिए आए थे ।
हमले का मास्टरमाइंड है मसूद अजहर का भाई
सुंजवां आतंकी हमले का मास्टरमाइंड रउफ असगर है । रउफ मौलाना जैश-ए-मोहम्मद का चीफ आतंकी मसूद अजहर का भाई है । फरवरी के पहले हफ्ते में रउफ ने भाई मौलाना मसूद अजहर के साथ हिजबुल के चीफ सैयद सलाउद्दीन से मिला था और ९ फरवरी को आतंकी अफजल गुरु की बरसी के दिन दोनों ने हमले को अंजाम देने के लिए मदद मांगी थी ।
हमले में रोहिंग्या मुसलमानों का इस्तेमाल संभव
विधानसभा स्पीकर कविंद्र गुप्ता का कहना है कि, हमले में रोहिंग्या मुसलमानों का इस्तेमाल हो सकता है । रोहिंग्या शरणार्थी आर्मी कैंप के नजदीक रहते हैं, ऐसे में संभव है कि उनका इस्तेमाल हुआ हो । बता दें कि भारत में रोहिंग्या मुसलमान गैर-कानूनी तरीके से घुसे हैं । बीतें दिनों रोहिंग्या शरणार्थी का मुद्दा जोर-शोर से उठाया भी गया ।
बता दें कि, पाकिस्तान की ओर से लगातार आजकल सीमा पर उकसाने वाली कार्रवाई की जा रही है । सीमा पार से सीजफायर का उल्लंघन किया जा रहा है । जिसके चलते पूरे देश में पाकिस्तान के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है ।
हिन्दू लडकीयों का जबरण धर्मांतरण कर उनका निकाह करनेवाला – मियां मिट्ठू
नई देहली : पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक और हिन्दू लडकी निशा को जबरन मुसलमान बनाकर निकाह कराने में स्थानीय नेता मियां मिट्ठू का हाथ होने की पुष्टि हुई है । वह पहले से इसके लिए कुख्यात है । यहां तक कि न्यूयार्क टाइम्स भी उसके बारे में यह खबर छाप चुका है कि वह किस तरह एक दरगाह के संचालक अपने भाई मियां शमां की मदद से वह अगवा की गई हिन्दू लडकियों को जबरन मुसलमान बनाता है और फिर उनका निकाह किसी मुसलमान लडके से करा देता है । इस सप्ताह घोटकी जिले की हिन्दू लडकी निशा को मियां मिट्ठू के भाई पीर मियां शमां की ओर से संचालित दरगाह में ही मुसलमान बनाया गया । यह दरगाह भरंचडी शरीफ के तौर पर जानी जाती है, परंतु इलाके में इसकी पहचान एक ऐसी दरगाह के तौर पर है जहां हिन्दू लडकियों को जबरन मुसलमान बनाया जाता है ।
रविता मेघवार (आयु १६) काे सैयद समुदाय के लोगों ने ६ जून को अगवा कर लिया था । उसका धर्म परिवर्तन करके रविता से दुगनी उम्र वाले नवाज अली शाह नामक युवक (३२ वर्ष) से निकाह कर दिया ।
सिंध के घोटकी जिले के भरचंडी इलाके में स्थित दरगाह के जबरन धर्मांतरण को लेकर चर्चा में आने पर कुछ साल पहले न्यूयार्क टाइम्स के संवाददाता ने मियां मिट्ठू और उसके भाई पीर मियां शमां से मुलाकात की थी । दोनों ने हिन्दू लडकियों को जबरन मुसलमान बनाने से इन्कार किया था, परंतु यह दावा किया था कि वे अब तक २०० हिन्दू लडकियों को उनकी कथित मर्जी से मुसलमान बनाकर उनका निकाह करा चुके हैं । इस संवाददाता से खुद पाकिस्तान मानवाधिकार आय़ोग ने यह माना था कि हर महीने लगभग २० हिन्दू लडकियां अगवा की जाती हैं ।
रविता मेघवार
मियां मिट्ठू की ताकत का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान से उसे अपनी पार्टी में शामिल कर लिया है । वह उनकी पार्टी से अगला चुनाव लडने जा रहा है । एक बार हिन्दुओं के विरोध पर इमरान उसे अपनी पार्टी-तहरीके इंसाफ में शामिल करने से पीछे हट गए थे, परंतु कुछ दिनों पहले उन्होंने उसे अपना लिया । इसके बाद से सिंध के हिन्दू और ज्यादा डर के साए में हैं । यह मियां मिट्ठू के खौफ का ही नतीजा है कि उसका भाई खुलेआम यह कह चुका है कि उसका मकसद कम से कम दो हजार हिन्दू लडकियों को मुसलमान बनाना है । घोटकी के लोग इस ऐलान से अच्छी तरह अवगत हैं । सिंध में हिन्दू लडकियों को जबरन मुसलमान बनाने के मामले में भरचंडी शरीफ दरगाह की भूमिका के बारे में पाकिस्तान के अखबार भी कभी-कभार पर लिखते रहे हैं ।
पिछले वर्ष १९ वर्षीय हिन्दू लडकी आरती कुमारी का अपहरण कर जबरन निकाह किया गया था !
पिछले साल वहां के अंग्रेजी दैनिक द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के १९ जून के अंक में कमाल सिद्दिकी ने व्हाट ए शेम शीर्षक से लिखा था, “बीते तीन साल में भरचंडी शरीफ दरगाह में १५० से ज्यादा असहाय हिन्दू लडकियों को जबरन मुसलमान बनाया गया है । एक बार लडकी अगवा हो जाए तो फिर सब कुछ ड्रामा होता है । लडकी के मां-बाप इधर-उधर दौडते हैं । गुहार लगाते हैं । जब तक थाने में रिपाेर्ट लिखी जाती है तब तक दरगाह का पीर लडकी के मुसलमान बन जाने और निकाह कर लेने का सर्टिफिकेट जारी कर देता है ।’’
कमाल सिद्दिकी के अनुसार सिंध में हिन्दू लडकियों को अगवा करने का धंधा इतना तेज हो गया है कि अधिकांश मां-बाप उन्हें स्कूल ही नहीं भेज रहे हैं ।